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(Rabdi राबड़ी एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो धीमी आंच पर लगातार दूध को चलाते हुए दूध को गाढ़ा करके बनाई जाती है। इसका स्वाद रिच, क्रीमी और खुशबूदार होता है। राबड़ी खासतौर पर त्योहारों, व्रत, शादी-समारोह और खास मौकों पर बनाई जाती है।दूध को सदैव कम आंच पर ही पकाना है अगर तेज़ आंच पर इसे पकाया जाएगा तो यह जल जाएगा और अपनी खराब हो जाएगी।
सामग्री (Ingredients)
- फुल क्रीम दूध – 1 लीटर
- चीनी – 5-6 टेबलस्पून (स्वादानुसार)
- इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
- केसर – 8–10 धागे (वैकल्पिक)
- बादाम (कटे हुए) – 3-4 टेबलस्पून
- पिस्ता (कटे हुए) – 3-4 टेबलस्पून
- काजू – 3-4 टेबलस्पून
- चांदी वर्क सजाने के लिए
- कुछ कटे हुए छोटे टुकड़ों में ड्राई फ्रूट्स ऊपर से सजाने के लिए
राबड़ी बनाने की विधि
- रबड़ी बनाने के लिए सबसे पहले फुल क्रीम का दूध लेना है और उसे भारी तले की कढ़ाही में उबालें। दूध जलेगा नहीं और इसको लगातार चलाते रहना है।
- उबाल आने पर आंच धीमी कर दें पर दूध को लगातार चलाते रहें। जिससे यह तली पर ना लगे और नहीं जले। तो ऐसे ही पेपर दिया जाएगा
- दूध उबलते उबलते उसके ऊपर और आस पास के बर्तन पर मलाई जम जाएगी इससे ऊपर जमी मलाई को किनारों पर चिपकने नहीं देना है बल्कि उसे खुरपी से निकाल करके दूध भी मिलाते जाना है इससे दूध में गाढ़ापन आता जाएगा। दूध को तब तक पकाएँ जब तक वह आधा या एक-तिहाई न रह जाए।
- जब दूध अच्छी तरीके से आधा होकर पक जाए तब उसमें चीनी, इलायची पाउडर और केसर डालें। आप चाहे तो पिसी हुई चीनी का भी इस्तेमाल कर सकते हैं
- किनारों की जमी मलाई को खुरचकर दूध में मिला दें।
- 5–7 मिनट और पकाएँ जब तक राबड़ी गाढ़ी और मलाईदार न हो जाए।
- ड्राई फ्रूट्स डालकर गैस बंद करें।
गरम या ठंडी, दोनों तरह से स्वादिष्ट राबड़ी तैयार है।
राबड़ी की न्यूट्रिशनल वैल्यू
(प्रति 100 ग्राम – अनुमानित)
पोषक तत्व | मात्रा |
कैलोरी | 180–200 kcal |
फैट | 10–12 ग्राम |
कार्बोहाइड्रेट | 15–18 ग्राम |
प्रोटीन | 6–7 ग्राम |
कैल्शियम | 200 mg |
पोटैशियम | 300 mg |
राबड़ी खाने के फायदे (Health Benefits)
- हड्डियों को मजबूत बनाती है –रबड़ी को दूध और बहुत सारे ड्राई फ्रूट्स के साथ मिलकर बनाया जाता है जो की कैल्शियम से भरपूर होता है जो की हड्डियों को मजबूत बनाता है
- तुरंत ऊर्जा देती है – दूध और चीनी का ऊर्जा का अच्छा स्रोत है जो की शीघ्र ऊर्जा भी देता है और मन को तरोताजा भी करता है
- दिमाग को ताकत देती है – बच्चों और बुजुर्गों के लिए फायदेमंद है क्योंकि दिमाग को ताकत देता है यह तरल पदार्थ के रूप में बच्चों और बुजुर्गों दोनों को ही पूर्ण पौष्टिकता प्रदान करता है
- शरीर को पोषण देती है – प्रोटीन और फैट से भरपूर होता है जो कि शरीर को भरपूर मात्रा में पोषण प्रदान करता है
- व्रत और त्योहारों के लिए उत्तम है क्योंकि यह शीघ्र ऊर्जा भी प्रदान करता है सात्विक है और ड्राई फ्रूट्स का समावेश इसको ऊर्जा से भरपूर बनता है
- सर्दियों में विशेष लाभकारी होता है क्योंकि शरीर को ड्राई फ्रूट्स से ऊर्जा के साथ-साथ पोषण और गर्मी भी मिलती है और लंबे समय तक व्यक्ति को भूख नहीं लगती
राबड़ी से जुड़े FAQ
Q1. राबड़ी कितने दिन तक चलती है?
उत्तर: फ्रिज में रखने पर 2–3 दिन तक स्टोर करने पर सुरक्षित रहती है
Q2. क्या राबड़ी व्रत में खा सकते हैं?
उत्तर: हाँ, अगर व्रत में दूध और चीनी मान्य हों तो खा सकते हैं।
Q3. राबड़ी और बासुंदी में क्या फर्क है?
उत्तर: राबड़ी ज्यादा गाढ़ी और मलाईदार होती है, जबकि बासुंदी थोड़ी पतली होती है।
Q4. क्या राबड़ी डायबिटीज में खा सकते हैं?
उत्तर: बिना चीनी या शुगर-फ्री विकल्प के साथ सीमित मात्रा में इसका सेवन करना चाहिए और सेवन करने से पहले एक बार डॉक्टर की सलाह अवश्य ले ले।
Q5. क्या राबड़ी बच्चों के लिए अच्छी है?
उत्तर: हाँ, यह बच्चों के लिए पौष्टिक और एनर्जी देने वाली मिठाई है।
