Table of Contents
ToggleHOW TO MAKE CAULIFLOWER POORI / PHOOL GOBHI POORI
INGREDIENTS
सूखा गेहूं का आटा – एक बड़ा कप अथवा अपने परिवार के सदस्यों के अनुसार
पानी आवश्यकतानुसार
तेल पूरी तलने के लिए
फूल गोभी- कद्दूकस की हुई एक बड़ा कप अथवा आवश्यकतानुसार
हरी मिर्च – दो बारीक कटी हुई
नमक – स्वादानुसार
लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टीस्पून
कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर- 1/2 टीस्पून
जीरा पाउडर- 1 टीस्पून
गरम मसाला पाउडर- 1/2 टीस्पून
अदरक- एक चम्मच कद्दूकस की हुई
धनिया पत्ता – बारीक़ कटी हुई दो बड़े चम्मच
PHOOL GOBHI POORI / (CAULIFLOWER POORI ) STEP BY STEP PROCESS
1- आटा बनाने की विधि–
१- फूल गोभी की पूरिया बनाने के लिए सबसे पहले सूखा आटा ले और उसमें नमक मिलाकर थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए आटे को गूथ ले,आटा अत्यधिक नरम वह अधिक सख्त नहीं होना चाहिए
२- आटा गुथने के पश्चात उसे 10 से 15 मिनट तक एक किनारे रख देना चाहिए जिससे वह अच्छी तरीके से पूरिया बनाने के लिए तैयार हो जाए
३- इसके पश्चात आटे की पूरी के आकार की छोटी-छोटी लोइया बना करके भरावन की सामग्री भर के उन्हें बेल लें
४- जब पूरिया बनानी हो इस समय उन्हें बेलना चाहिए, पहले से पुरिया को बेलकर नहीं रखता है अन्यथा पूरी फूलती भी नहीं है और अत्यधिक तेल भी सोख सकती हैं
फूल गोभीभरवां सामग्री बनाने की विधि
१- फूल गोभी की भरवां सामग्री बनाने के लिए फूलगोभी को छोटे टुकड़ों में काट करके धो करके एक किनारे रख देना चाहिए
२-जब फूल गोभी का पानी अच्छी तरीके से निकल जाए तो उन्हें कद्दूकस करके एक सूती कपड़े के ऊपर फैला ले ताकि अतिरिक्त जल निकल जाए
३-इसके पश्चात कढ़ाई में एक टेबल स्पून तेल गर्म करें और उसमें एक टीस्पून साबुत जीरा डाल करके उसे चटकने दे
४-जब जीरा अच्छी तरीके से चटक जाए तो उसमें आप अदरक-लहसुन का पेस्ट डाल दें बारीक कटी हरी मिर्च डालकर,लाल मिर्च पाउडर, कश्मीरी लाल मिर्च पाउडर इत्यादि मसाले को डालकरअच्छी तरीके से भून लें
५-आप इसी मसाले में आप गरम मसाला पाउडर,जीरा पाउडर,चुटकी भर हल्दी डालकर, कद्दूकस किया हुआ गोभी इसमें मिला ले और बारीक कटा हुआ हरा धनिया भी इसी में डाल लें और मसाले को अच्छी तरीके से मिला करके एक किनारे ठंडा होने के लिए रख दें आप इस मसाले में अतिरिक्त स्वाद देने के लिए आमचूर पाउडर भी डाल सकते हैं
पूरी बेलने की विधि
१- आटे की लोई लेकर के उसे थोड़ा सा बेल ले और उसके ऊपर भरावन की सामग्री भर के उसे अच्छी तरीके से बंद कर ले
२- अब इसे धीरे-धीरे किनारे से बेल ले
३- इस प्रकार समस्त लोइयों को भरावन की सामग्री से भरकर तैयार करके उन्हें तेल में डीप फ्राई करके निकाल ले
गोभी की पूरियां बनाते समय की जाने वाली सावधानियां
१- जब भी पूरी का आटा गुथा जाता है तो उसे अतिरिक्त सख्त और नरम नहीं किया जाता है अन्यथा पूरियां फूलती नहीं है और ज्यादा तेल भी सोख लेती हैं
२- भरावन की सामग्री बनाने के पश्चात उसके मसाले को ठंडा अवश्य होने दें जिससे पूरियां बनाने में सुविधा रहती है अगर मसाला गरम रहेगा तो पूरियां फटने की संभावना बढ़ जाती है
BENEFIT OF GOBHI POORI / गोभी की पूरियो के फायदे-
गोभी पूरी (फूलगोभी से भरी तली हुई भारतीय रोटी) एक स्वादिष्ट और लजीज व्यंजन है, जिसे पौष्टिक तत्वों से तैयार करके और सीमित मात्रा में सेवन करने पर कई लाभ मिलते हैं। गोभी पूरी के लाभ इस प्रकार हैं:
- फूलगोभी का पोषण मूल्य
गोभी पूरी में मुख्य रूप से कई स्वास्थ्य लाभ प्रदान करती है:
१- फाइबर की प्रचुर मात्रा : गोभी में फाइबर की मात्रा से पाचन में सहायता मिलती है और आंत के स्वास्थ्य को बढ़ावा देती है।
२- विटामिन की भरपूर मात्रा : इसमें विटामिन सी, के और बी6 होते हैं, जो प्रतिरक्षा, हड्डियों के स्वास्थ्य और मस्तिष्क को बेहतर बनाते में सहायता करतेहैं।
३- एंटीऑक्सीडेंट: गोभी में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट सूजन और ऑक्सीडेटिव तनाव से बचाता है।
४- कैलोरी कम : कैलोरी सेवन को संतुलित करने की चाह रखने वालों के लिए एक बढ़िया विकल्प है
- ऊर्जा को बढ़ावा –
पूरी का आटा, जो आमतौर पर गेहूं के आटे से बनाया जाता है, कार्बोहाइड्रेट प्रदान करता है जो त्वरित ऊर्जा स्रोत के रूप में कार्य करता है। यह गोभी पूरी को सक्रिय दिनों के लिए एक संतोषजनक भोजन बनाता है।
- संतुलित पोषण-
अतिरिक्त सामग्री के साथ भराई को बढ़ाकर पोषण सामग्री बढ़ाई जा सकती है जैसे:
मसाले: हल्दी, अदरक, और जीरा, जिनमें सूजन-रोधी और पाचन संबंधी लाभ प्राप्त होते हैं।अतिरिक्त स्वाद और पोषक तत्वों के लिए धनिया और हरी मिर्च के भी लाभ प्राप्त किए जाते हैं
अन्य सब्जियाँ: अधिक फाइबर और विटामिन के लिए कद्दूकस की हुई गाजर या मटर मिलाएँ।
- आरामदायक भोजन अपील
– मूड बढ़ाने वाला: गोभी पूरी का गर्म, सुगंधित स्वाद आपके मूड को बेहतर बना सकता है, जो कई लोगों के लिए आरामदायक भोजन के रूप में काम करता है।
– सामाजिक संबंध: उत्सव या पारिवारिक समारोहों के लिए एक लोकप्रिय विकल्प, यह सामाजिक संबंधों को मजबूत करता है।
- बहुमुखी प्रतिभा
दही या चटनी के साथ अच्छी तरह से मेल खाता है
दही के प्रोबायोटिक लाभ इस व्यंजन को पूरक बनाते हैं, पाचन में सहायता करते हैं।
वैकल्पिक एयर-फ्राइंग: एक स्वस्थ विकल्प के लिए, पूरी को बेक किया जा सकता है या एयर-फ्राई किया जा सकता है।
स्वस्थ उपभोग के लिए सावधानियां
– तलने के लिए कम से कम तेल और जैतून का तेल या सरसों के तेल जैसे स्वस्थ विकल्पों का उपयोग करें।
– फाइबर की मात्रा बढ़ाने के लिए साबुत गेहूं या मल्टीग्रेन आटे का विकल्प चुनें।
– भोजन को संतुलित करने के लिए साइड में सलाद या रायता डालें।
जब संतुलित आहार के हिस्से के रूप में खाया जाता है, तो गोभी की पूरी एक रमणीय और पौष्टिक व्यंजन हो सकती है!
Atta Ladoo
Atta Ladoo आटे के लड्डू भी एक प्रसिद्ध पारंपरिक भारतीय मिठाई हैं, जो विशेष रूप से सर्दियों, प्रसव के बाद, कमजोरी और पूजा-पाठ में बनाए
Til Ke Ladoo
Til Ke Ladoo तिल के लड्डू भी सर्दियों में बनाई जाने वाली एक पारंपरिक भारतीय मिठाई है, जो विशेष रूप से मकर संक्रांति, लोहड़ी और
Murmura Laddu
Murmura Laddu मुरमुरा के गुड़ के लड्डू एक अत्यधिक शौक से खाई जाने वाली भारतीय मिठाई हैं, जो खासतौर पर मकर संक्रांति, लोहड़ी, पूजा-पाठ और
Besan Halwa Recipe/ How to make Besan Halwa/
Besan Halwa Recipe/ How to make Besan Halwa/जाने बेसन के हलवे को मखमली बनाने का यह सीक्रेट बेसन का हलवा एक प्रसिद्ध और शौक से
Halwai Jaisa Tasty Sooji ka Halwa
Halwai jaisa Tasty Sooji Ka Halwa सूजी का हलवा भारत की रसोई की सबसे सरल, सात्विक और प्रिय मिठाई व्यंजनों में से एक है। यह
Moong Dal Halwa
Moong Dal Halwa मूंग दाल का हलवा भारत की रसोई की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाइयों में से एक है, जो स्वाद व सेहत के साथ-साथ धैर्य

