HOW TO MAKE URAD DAL SINDHI STYLE

INGREDIENTS

चना दाल – आधा कप

पीली मूंग दाल – 1/4 कप

उड़द दाल – आधा   कप

एक टमाटर- बारीक कटा

लहसुन की एक कली -पिसी हुई

अदरक का एक इंच बड़ा टुकड़ा – कद्दूकस किया हुआ 

धनिया पाउडर – एक चम्मच

हल्दी पाउडर – 1/4 चम्मच

नींबू का रस – 3 चम्मच

जीरा – एक चम्मच

स्वादानुसार नमक

तेल – 2 बड़े चम्मच

धनिया पत्तियां, बारीक कटी

हींग  चुटकी भर

 

ABOUT URAD DAL

उरद दाल  सिंधीयो में मुख्य रूप से खाई जाने वाली प्रसिद्ध दाल है जिसमें तीन दालों को मिलाकर के यह दाल बनाई जाती है जिसमें की उड़द दाल, चना दाल और पीली मूंग दाल सम्मिलित होती है यह दाल खाने में बहुत ही स्वादिष्ट लगती है और इससे आप रोटी और चावल दोनों के साथ ही खाकर इसका आनंद उठा सकते हैं यह स्वाद में मक्खन के जैसे लगती है

इस दाल को विशेष रूप से तवा वाले सब्जियों के साथ खाया जाता है जैसे की तवा भिंडी, तवा करेला, तवा आलू 

 

STEP-BY-STEP PROCESS 

उड़द दाल बनाने के लिए सबसे पहले उड़द दाल, चना दाल और पीली मूंग दाल को कम से कम 5 से 6 घंटे अवश्य भिगोना चाहिए क्योंकि चना दाल भीगने में समय अधिक लेती हैऔर जब दाल अच्छी तरीके से भीगी हुई रहती हैं तो यह बनने में भी आसान होती है गैस भी कम लगता है और यह सुपाच्य भी होती हैं इनमें कच्चापन नहीं रहता है

 

इस दाल को बनाने के लिए अच्छे से धो करके साफ पानी में भिगो के रखना है इसके पश्चात इसको एक साफ कुकर में डाल दें और कम से कम तीन से चार कप पानी डाल दें ,इसी समय आप इसमें नमक और हल्दी,बारीक कटी हरी मिर्च भी डाल दें ,साथ ही साथ कद्दूकस किया हुआ अदरक ,बारीक कटा हुआ टमाटर भी इसमें इसी समय डाल दें

 

3- समस्त सामग्री डालने के पश्चात आप दाल  को अच्छी तरीके से कम से कम 5 से 6 सिटी अवश्य दिलाई और 4 से 5 मिनट तक काम आंच पर इसको पकाने के लिए रखें

.

दाल बनने के पश्चात आप उसे एक साथ बर्तन में निकाल सकते हैं या  उसे कुकर में ही रहने दे

5- छौक  बनाने के लिए अब एक बर्तन में घी या  तेल डालें उसमें जीरा, कसा हुआ अदरक, हींग , कटी हरी मिर्च, साबुत लाल मिर्च बारीक कटा हुआ लहसुन या पिसा हुआ लहसुन डाल दे ,धनिया पाउडर डाल करके  छौक डाल के ऊपर लगा ले

6- अब तैयार दाल को आप बारीक कटे हुए हरे धनिए के साथ सर्व कर सकते हैं

७- उड़द की दाल को खाते समय थोड़ी सी नींबू का रस डालकर खाने से इसका स्वाद बहुत अधिक बढ़ जाता है और इसके ऊपर आप प्याज के छल्ले भी लगा करके सजा सकते हैं

SUGGESTIONS-

1- उड़द दाल बनाने के लिए हमेशा उड़द दाल को भीगा करके ही बनना चाहिए तभी यह दाल स्वादिष्ट लगती है और बनने में आसान भी रहती है

2- जो लोग कामकाजी हैं उनके लिए यह दाल बनाना बहुत ही आसान है दाल में समस्त सामग्री डालने के बाद  उसमें छौक लगाकर  दाल का आनंद उठाया जा सकता है

3- दाल उबलते समय ही आप उसमें हींग  और तेज पत्ता भी डाल सकते हैं जिससे गैस और अपच की समस्या नहीं रहती है साथ ही साथ यह दाल,क्योंकि पचने में समय अधिक लेती है इसीलिए हींग और तेज पत्ते का इस्तेमाल अवश्य करना चाहिए

 

Nutritional Value 

Nutritional Value (per 100g of raw Urad Dal):

  • Calories: Approximately 341 kcal
  • Protein: 25g
  • Fat: 1.6g
  • Carbohydrates: 59.6g
  • Dietary Fiber: 18g
  • Iron: 7.57mg
  • Calcium: 154mg
  • Magnesium: 120mg
  • Potassium: 983mg
  • Folate: 216µg

HEALTH BENEFITS OF URAD DAL 

1- प्रोटीन से भरपूर: उड़द दाल में भरपूर प्रोटीन मात्रा रहती है उड़द की दाल पौधे-आधारित प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत है, जो इसे शाकाहारियों के लिए आदर्श भोजन  बनाता है। यह मांसपेशियों के निर्माण और मरम्मत में सहायता करता है।

 

२- उड़द दाल पाचन क्रिया को स्वस्थ बनती है: उरद दाल में भरपूर मात्रा में फाइबर पाया जाता है जो की पचने में आसान होती हैऔर कब्ज को भी यह रोकती  है 

-हृदय स्वास्थ्य: उड़द की दाल में अच्छे वसा पाए जाते हैं जिसमे  कोलेस्ट्रॉल कम होता है, जो हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करता है। इसमें पोटेशियम और मैग्नीशियम भी होते हैं, जो रक्तचाप को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक हैं।

 

४- मजबूत हड्डियां– उड़द की दाल हड्डियों को मजबूती प्रदान करती है क्योंकि यह कैल्शियम और फास्फोरस से भरपूर रहती है यह हड्डियों के साथ-साथ दांतों को भी स्वस्थता  प्रदान करती है

 

५- ऊर्जा बढ़ाने वाला: उड़द की दाल में कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाया जाता है जो की निरंतर ऊर्जा प्रदान करने वाला होता है और उन लोगों के लिए जो की निरंतर कार्य करते रहते हैं और उन्हें अगर समय नहीं मिलता है तो इसे खाकर के काफी लंबे समय उनको भूख नहीं लगती है संतुलित भोजन के लिए यह बहुत ही अच्छा आहार माना जाता है

६- मधुमेह को नियंत्रण करना: उड़द की दाल में मौजूद फाइबर रक्तप्रवाह में शर्करा के अवशोषण को धीमा करने में मदद करता है, जिससे मधुमेह रोगियों के लिए रक्त शर्करा नियंत्रण में सहायता मिलती है।

 

७- लोहे के स्तर को बढ़ाना: उच्च लौह सामग्री लाल रक्त कोशिकाओं के उत्पादन में मदद करती है, हीमोग्लोबिन के स्तर में सुधार करती है और एनीमिया के जोखिम को कम करती है।

 

८- त्वचा के स्वास्थ्य में सुधार: उड़द दाल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं,जो की त्वचा को स्वस्थता प्रदान करते हैं

९- वजन घटाने में सहायक: उड़द की दाल में कैलोरी कम पाई जाती है किंतु फाइबर अत्यधिक मात्रा में पाया जाता है जो की भूख को नियंत्रित करने में सहायता करता है जिससे लंबे समय तक व्यक्ति को भूख नहीं लगती है और उसे भरा हुआ महसूस होता है

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