Moong Dal Halwa

मूंग दाल का हलवा भारत की  रसोई की प्रसिद्ध पारंपरिक मिठाइयों में से एक है, जो स्वाद व सेहत के साथ-साथ धैर्य और प्रेम का भी प्रतीक माना जाता है। मूंग दाल का हलवा विशेष रूप से  सर्दियों के मौसम में, त्योहारों, विवाह समारोहों और विशेष अवसरों पर बनाया जाता है। घी की सुगंध, भुनी हुई मूंग दाल का सुनहरा रंग और इलायची की हल्की खुशबू इसे बेहद खास बना देती है।इस हलवे को बनाने में समय अधिक लगता है लेकिन जितना समय लगता है उतना ही यह स्वादिष्ट भी बनता है

इस हलवे की सबसे बड़ी पहचान है इसे बनाने की विधि। इसमें धुली हुई पीली मूंग दाल को कई घंटों तक भिगोकर बारिक पीसा जाता है और फिर धीमी आँच पर शुद्ध देसी घी में लंबे समय तक भूनाया जाता है। जब दाल का रंग हल्का सुनहरा हो जाए और घी अलग दिखाई देने लगे, साथ ही साथ दाल का कच्चापन भी दूर हो जाए ,तभी इसमें दूध, पानी और चीनी मिलाई जाती है। यही धीमी आँच और लगातार चलाने की प्रक्रिया मूंग दाल के हलवे को उसका असली स्वाद और बनावट देती है।

मूंग दाल का हलवा केवल एक मिठाई नहीं, बल्कि पोषण के गुना से भी भरपूर है। मूंग दाल में प्रोटीन भरपूर मात्रा में पाया जाता है, और इसमें इस्तेमाल किए जाने वाले दूध और मेवे शरीर को ऊर्जा और ताकत प्रदान करते हैं। देसी घी इसे न केवल स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि सर्दियों में शरीर को गर्म रखने में भी मदद करता है। इसी कारण इसे अक्सर कमजोरी, थकान और ठंड के मौसम में लाभकारी माना जाता है।

 मूंग दाल का हलवा हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। बच्चों को इसका मीठा स्वाद भाता है, तो बड़ों को इसकी पारंपरिक खुशबू और पौष्टिकता आकर्षित करती है। गरमागरम मूंग दाल का हलवा जब ऊपर से कटे हुए काजू, बादाम और किशमिश से सजा हो, तो उसका स्वाद और भी बढ़ जाता है।

आज के समय में भले ही कितनी ही क्यों ना इंस्टेंट मिठाइयाँ उपलब्ध हों, लेकिन मूंग दाल के हलवे का स्थान भारतीय मिठाइयों में हमेशा खास रहेगा। यह मिठाई हमें धैर्य, परंपरा और घर के बने स्वाद की याद दिलाती है — वही स्वाद जो हर निवाले के साथ दिल को सुकून देता है।

 

आवश्यक सामग्री

  • धुली पीली मूंग दाल – 1 कप
  • घी – ¾ कप
  • पानी – 1 कप
  • चीनी – 1 कप (स्वादानुसार)
  • इलायची पाउडर – ½ छोटा चम्मच
  • काजू – 10–12 (कटे हुए)
  • बादाम – 10–12 (कटे हुए)
  • किशमिश – 1 बड़ा चम्मच
  • केसर के धागे-10- 12 
  • पीला रंग- 2 बूंद (वैकल्पिक)
  • खोया    – 1 कप

बनाने की विधि

मूंग दाल तैयार करें

  • मूंग दाल को धोकर 4–5 घंटे या रात भर भिगो दें।
  • पानी निकालकर दाल को दरदरा पीस लें (पेस्ट बिल्कुल महीन न हो)।इसे पीसने का सबसे अच्छा तरीका यह है कि इस पानी के साथ पीसने की बजाय अगर आप थोड़ा सा घी इसमें डालकर इसको पीछे तो यह कढ़ाई में कम चिपकता है

दाल भूनें

  • कढ़ाही में घी गरम करें।
  • पिसी हुई मूंग दाल डालें और धीमी आँच पर लगातार चलाते हुए भूनें।इसे अच्छी तरीके से कम आज पर बने जिससे दाल का कच्चापन ना रहे बुनते-घूंटे आपको यह खुशबू आने लगेगी
  • दाल का रंग सुनहरा हो जाए और घी अलग दिखने लगे — इसमें 20–25 मिनट लग सकते हैं।

पानी और चीनी की  तैयार करना

  • अब धीरे-धीरे इसमें तैयार की हुई पानी और चीनी की चाशनी डालनी है और सिर्फ इसको उबाल आने के बाद बंद कर देना है आप चाहे तो इसी समय इसमें पीला रंग और केसर के धागे डाल सकते हैं जिसमें इसमें पीला रंग आ जाता है (सावधानी रखें, छींटे पड़ सकते हैं)।
  • अच्छे से मिलाएँ और गुठलियाँ तोड़ दें। इसकोलगातारकाम आज पर ही चलते रहना है

पकाएँ

  • मध्यम आँच पर हलवे को गाढ़ा होने तक पकाएँ।

 

मेवे और इलायची डालें

  • काजू, बादाम, किशमिश और इलायची पाउडर डालें।
  • 5 मिनट और पकाएँ।

परोसें

  • गरमागरम मूंग दाल का हलवा परोसें।

 परफेक्ट मूंग दाल हलवा बनाने के टिप्स

  • दाल को बहुत महीन न पीसें।
  • धीमी आँच और धैर्य सबसे ज़रूरी है।
  • लगातार चलाते रहें ताकि हलवा जले नहीं।
  • अच्छे स्वाद के लिए घी कम न करें।

 स्वास्थ्य लाभ

  • मूंग दाल प्रोटीन से भरपूर होती है।
  • यह शरीर को ऊर्जा और गर्मी देती है।
  • सर्दियों में कमजोरी दूर करने में सहायक।
  • दूध और मेवे पोषण बढ़ाते हैं।

 कैलोरी जानकारी (लगभग)

1 कटोरी (150 ग्राम):

  • कैलोरी: 350–400 kcal
  • वसा: 18–22 ग्राम
  • कार्बोहाइड्रेट: 40–45 ग्राम
  • प्रोटीन: 8–10 ग्राम

(कैलोरी मात्रा घी और चीनी की मात्रा पर निर्भर करती है)

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